नवापारा राजीव त्रिवेणी संगम में करोड़ों खर्च होने के बाद भी सफाई सुविधा नहीं मिलना चिंता जनक है !
राजिम त्रिवेणी संगम में नदी सफाई व्यवस्था बदहाल, श्रद्धालुओं ने शासन-प्रशासन पर उठाए सवाल
राजिम/नवापारा। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध धार्मिक एवं पर्यटन स्थल राजिम त्रिवेणी संगम में नदी सफाई व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। संगम क्षेत्र में जगह-जगह फैली गंदगी, नदी किनारे जमा कचरा, प्लास्टिक सामग्री और अव्यवस्थित सफाई व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजिम को "छत्तीसगढ़ का प्रयागराज" कहा जाता है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। इसके बावजूद नदी तटों की नियमित सफाई नहीं होने से संगम क्षेत्र की सुंदरता प्रभावित हो रही है। लोगों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार विभाग केवल बड़े आयोजनों के समय सफाई अभियान चलाते हैं, जबकि सामान्य दिनों में व्यवस्था भगवान भरोसे छोड़ दी जाती है।
श्रद्धालुओं ने बताया कि नदी किनारे पूजा सामग्री, पॉलीथिन, प्लास्टिक बोतलें और अन्य कचरा कई दिनों तक पड़ा रहता है। इससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़े इस पवित्र स्थल की गरिमा भी प्रभावित हो रही है। कई लोगों ने कहा कि प्रशासन को केवल कागजी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि जमीनी स्तर पर सफाई व्यवस्था को मजबूत करना चाहिए।
नाराज नागरिकों ने शासन और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि करोड़ों रुपये विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर खर्च किए जाते हैं, लेकिन उसकी झलक धरातल पर दिखाई नहीं देती। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले समय में राजिम की पहचान और पर्यटन पर भी इसका नकारात्मक असर पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों ने यह भी कहा कि संगम क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान नहीं हैं और जो हैं, उनकी नियमित सफाई नहीं होती। इसके कारण श्रद्धालु मजबूरी में कचरा इधर-उधर फेंक देते हैं। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी किनारे नियमित सफाई दल तैनात किए जाएं, कचरा संग्रहण की उचित व्यवस्था हो और जागरूकता अभियान भी चलाया जाए।
नागरिकों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे जनआंदोलन और ज्ञापन के माध्यम से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाएंगे। लोगों का मानना है कि राजिम जैसे धार्मिक स्थल की स्वच्छता बनाए रखना केवल प्रशासन ही नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है, लेकिन इसकी शुरुआत जिम्मेदार विभागों को करनी होगी।
स्थानीय नागरिकों की नाराजगी भरी प्रतिक्रियाएं:
"संगम की हालत देखकर दुख होता है, सफाई के नाम पर केवल दिखावा हो रहा है।"
"धार्मिक नगरी की पहचान बचानी है तो प्रशासन को तत्काल कदम उठाने होंगे।"
"पर्यटक और श्रद्धालु गंदगी देखकर गलत संदेश लेकर लौट रहे हैं।"
"करोड़ों खर्च होने के बाद भी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलना चिंताजनक है।"
लोगों ने शासन और प्रशासन से मांग की है कि राजिम त्रिवेणी संगम की स्वच्छता और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देते हुए स्थायी एवं प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि इस पवित्र स्थल की गरिमा बनी रहे।

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