ग्रीष्म अवकाश में भी आबाद ज्ञान का मंदिर : भरुवाडीह कला का अनोखा सरकारी स्कूल 365 दिन रहता है खुला
रिपोर्टर रोहित वर्मा
विकासखंड तिल्दा नेवरा अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरुवाडीह कला इन दिनों अपनी अनोखी कार्यशैली के कारण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। जहां एक ओर पूरे प्रदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित होने से अधिकांश विद्यालयों में ताले लटके हुए हैं, वहीं यह सरकारी विद्यालय वर्ष के 365 दिन संचालित होकर शिक्षा के प्रति समर्पण, अनुशासन और नवाचार की मिसाल पेश कर रहा है। विद्यालय के प्रधान पाठक दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनका विद्यालय संडे हो या मंडे, हर दिन बच्चों के लिए खुला रहता है और ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी यहां विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक, रचनात्मक एवं प्रेरणादायक गतिविधियां सतत रूप से संचालित की जाती हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छड़िया के प्रधान पाठक धीरेंद्र कुमार वर्मा ने विद्यालय का अवलोकन करने के बाद बताया कि यह वास्तव में एक प्रेरणादायक मॉडल स्कूल है, जहां अवकाश के दौरान भी विद्यार्थी उत्साहपूर्वक विभिन्न गतिविधियों में भाग लेते नजर आए। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास का जीवंत उदाहरण है। उल्लेखनीय है कि शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरुवाडीह कला अपनी प्राकृतिक हरियाली, स्वच्छ वातावरण और आकर्षक सजावट के कारण भी विशेष पहचान रखता है। विद्यालय परिसर को इतने सुंदर, व्यवस्थित और रचनात्मक तरीके से विकसित किया गया है कि यहां पहुंचने वाला हर व्यक्ति प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकता। धीरेंद्र कुमार वर्मा ने क्षेत्रवासियों से अपील करते हुए कहा कि लोगों को इस अनूठे विद्यालय को देखने अवश्य जाना चाहिए ताकि वे समझ सकें कि सरकारी स्कूल भी समर्पण, नवाचार और सकारात्मक सोच से शिक्षा के उत्कृष्ट केंद्र बन सकते हैं। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भरुवाडीह कला आज शिक्षा, सतत प्रयास और प्रेरणादायक कार्यसंस्कृति की ऐसी मिसाल बन चुका है, जो पूरे क्षेत्र के लिए गर्व और प्रेरणा का विषय है।
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